Neutron की खोज का श्रेयजेम्स चैडविक (James Chadwick) को जाता है, जिन्होंने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की थी।

परिचय (Introduction)

आज अगर कोई हमसे पूछता है कि परमाणु किस चीज से बना होता है तो हम बड़ी ही आसानी से कह सकते हैं कि परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। जिसमें परमाणु के केंद्र में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन मौजूद होते हैं जिसे हम नाभिक कहते हैं और परमाणु में इसी नाभिक के चारो ओर इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं।

परमाणु का चित्र
परमाणु का चित्र

लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था हमें परमाणु की संरचना के बारे में भी पता नहीं था। वैज्ञानिकों ने एक एक करके इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की खोज की और परमाणु की संरचना के बारे में पता लगाया। इसी क्रम में आज हम जानेंगे की न्यूट्रॉन क्या है, और न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी एवं किस प्रकार की थी ?

न्यूट्रॉन क्या है (What is Neutron in Hindi)

न्यूट्रॉन एक आवेश रहित उदासीन उपपरमाणविक कण (subatomic particles) है जिसका द्रव्यमान 1.6749286 × 10−27 kg होता है। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान से थोड़ा सा ज्यादा होता है, जबकि इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान की तुलना में न्यूट्रॉन का द्रव्यमान 1,839 गुना ज्यादा होता है।

  • इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान – 9.10938 × 10−31 kg
  • प्रोटॉन का द्रव्यमान – 1.67262 × 10−27 kg
  • न्यूट्रॉन का द्रव्यमान – 1.67493 × 10−27 kg

परमाणुओं के केंद्र में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं जो आपस में प्रबल नाभिकीय बल द्वारा बंधे होते हैं, परमाणुओं का यह केंद्र नाभिक कहलाता है। नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन ही परमाणु के समस्त द्रव्यमान का निर्माण करते हैं।

चूंकि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है इसलिए परमाणु का द्रव्यमान इसके नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के बराबर होता है। हाइड्रोजन के नाभिक को छोड़कर सभी प्रकार के तत्वों के परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन उपस्थित होता है।

नाभिक में तो न्यूट्रॉन स्थाई(stable) रूप में पाया जाता है लेकिन यह निर्वात में खुले रूप से अकेले में स्थाई नहीं होता है, ऐसी स्थिति में न्यूट्रॉन का रेडियोएक्टिव क्षय होने लगता है जिसके परिणामस्वरूप न्यूट्रॉन का एक इलेक्ट्रॉन, एक प्रोटॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो में क्षय हो जाता है। न्यूट्रॉन के इस रेडियोएक्टिव क्षय की अर्ध आयु 15 मिनट होती है।

आधुनिक भौतिक विज्ञान के अनुसार न्यूट्रॉन पूर्ण रूप से मूलभूत कण (Elementary Particle) नहीं है, बल्कि इसे और भी छोटे कणों में तोड़ा जा सकता है जिन्हें क्वार्क कहा जाता है।

न्यूट्रॉन दो डाउन क्वार्क तथा एक अप क्वार्क से मिलकर बना होता है। क्वार्क भी खुद में अस्थाई होते हैं जबकि न्यूट्रॉन के अंदर ये स्थाई रूप में पाए जाते हैं।

क्वार्क से मिलकर बना हुआ न्यूट्रॉन
दो डाउन क्वार्क तथा एक अप क्वार्क से मिलकर बना हुआ न्यूट्रॉन image source- Wikipedia

न्यूट्रॉन की खोज कैसे हुई थी (Neutron ki khoj kaise hui thi)

शुरुआती दौर में वैज्ञानिकों को सिर्फ इतना पता था कि परमाणु प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन से मिलकर बने होते हैं जिसके नाभिक में सिर्फ प्रोटॉन उपस्थित होता है और इलेक्ट्रॉन नाभिक ने चारों ओर चक्कर लगाते हैं।

क्योंकि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है इसलिए 1932 से पहले वैज्ञानिक मानते थे कि किसी भी परमाणु का भार उसमें उपस्थित प्रोटॉन के भार के बराबर होना चाहिए।

जैसा कि हम जानते हैं हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक में 1 प्रोटॉन मौजूद होता है तथा हीलियम परमाणु के नाभिक में 2 प्रोटॉन मौजूद होते हैं। अतः हीलियम परमाणु का द्रव्यमान हाइड्रोजन के द्रव्यमान का 2 गुना होना चाहिए।

लेकिन उस दौर में जब वैज्ञानिकों ने हाइड्रोजन के परमाणु एवं हीलियम के परमाणु के द्रव्यमानो की तुलना की तो उन्होंने देखा कि हीलियम परमाणु का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान की तुलना में 4 गुना अधिक है। यानी कि हीलियम परमाणु हाइड्रोजन से 4 गुना अधिक भारी है।

बाद में अलग अलग तत्वों के परमाणु द्रव्यमानों की तुलना करने पर भी यही पाया गया कि उनका द्रव्यमान उनमें उपस्थित प्रोटॉनों के द्रव्यमान से अधिक है।

परमाणु संख्या और परमाणु द्रव्यमान
परमाणु संख्या और परमाणु द्रव्यमान

इसका मतलब था कि परमाणु के नाभिक में कुछ ना कुछ और भी जरूर मोजूद है जिसके कारण परमाणु का द्रव्यमान अधिक मिल रहा है।

भी सन 1932 में वैज्ञानिकों की परेशानी को दूर करते हुए महान वैज्ञानिक जेम्स चैडविक सबके सामने आए, उन्होंने परमाणु के बचे हुए द्रव्यमान के कारण को खोज निकला जिसका नाम दिया गया न्यूट्रॉन।

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी (Neutron ki khoj kisne ki thi)

Neutron की खोज का श्रेयजेम्स चैडविक (James Chadwick) को जाता है, जिन्होंने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की थी।

ऐसा भी नहीं है कि सबसे पहले जेम्स चैडविक (James Chadwick) ने ही न्यूट्रॉन के बारे में बात की थी, पहले से ही वैज्ञानिकों को पता था कि प्रोटॉन के अलावा भी परमाणु के नाभिक में कुछ ना कुछ जरूर है।

न्यूट्रॉन की खोज के लिए जेम्स चैडविक द्वारा किया गया प्रयोग (Experimental Setup for Discovery of Neutrons in Hindi)

जेम्स चैडविक ने अपने प्रयोग में बोरोन तत्व की प्लेट पर अल्फा कणों की बौछार की तो उन्होंने देखा कि बोरोन प्लेट से बहुत उच्च ऊर्जा वाली किरण/बीम निकल रही थी।

उन्होंने इस किरण/बीम पर बाह्य विद्युत क्षेत्र लगाकर देखा लेकिन ये किरण अपने पथ से बिल्कुल भी विचलित नहीं हुई। इस प्रकार यह तो स्पष्ट था कि इस बीम में कोई भी विद्युत आवेश उपस्थित नहीं है, अर्थात ये उदासीन है।

जेम्स चैडविक ने जब बोरोन से निकल रही इस उच्च ऊर्जा वाली बीम को मोम (wax) पर गिराया तो उन्होंने देखा कि मोम के परमाणुओं में से प्रोटॉन बाहर निकल रहें हैं। 

क्योंकि किसी भी प्रकार के रेडिएशन/प्रकाश में इतना संवेग एवं इतनी ऊर्जा नहीं होती है कि वो परमाणु से प्रोटॉन को बाहर निकाल सके इसलिए इस प्रयोग से यह तो स्पष्ट हो गया कि यह किरण अवश्य ही उदासीन प्रकार के कणों की थी जिनका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान के तुलनात्मक था।

इन्हीं कणों को James Chadwick ने न्यूट्रॉन नाम दिया। और जब इन कणों के द्रव्यमान की गणना की गई तो पता चला कि इस कण का द्रव्यमान 1.674927471×10−27 kg है जो कि लगभग प्रोटन के द्रव्यमान के बराबर है।

जेम्स चैडविक का प्रयोग
इलेक्ट्रान की खोज के लिए जेम्स चैडविक का प्रयोग

इसके बाद आगे भी कई अन्य प्रकार के प्रयोगों में न्यूट्रॉन के अस्तित्व की पुष्टि हो गई।

यह भी पढ़ें- प्रोटॉन की खोज किसने की थी (Proton ki khoj kisne ki thi)

Conclusion

तो यह थी न्यूट्रॉन के खोज की विज्ञान की बहुत ही इंटरेस्टिंग स्टोरी।

अगर आपका कोई सवाल या किसी भी प्रकार डाउट या सुझाव हो तो हमे नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। हमे आपकी मदद करते हुए बड़ी खुशी होगी।

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This Post Has 2 Comments

  1. Bhola singh

    First of all Shiva creates Vishnu because Shiva is already present in Hydrogen. It is shown and after that Brahma is created.

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